मनरेगा का लाभ समाज के सभी व्यक्ति तक पहुंचे

लखनऊ. आज यहां योजना भवन में उत्तर प्रदेश के ग्राम्य विकास मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह मोती सिंह की अध्यक्षता में ग्राम्य विकास विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की राज्यस्तरीय प्रगति बैठक आयोजित की गई।

बैठक में ग्राम्य विकास मंत्री ने प्रदेश के सभी जनपदों से आयें हुयेें मुख्य विकास अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत गत वर्ष के अधूरे आवासों को आगामी दिसंबर माह में आवास का निर्माण पूर्ण कराया जायेंं। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत निर्मित शत-प्रतिशत आवासों में शौचालयों का निर्माण और अवशेष लगभग डेढ़ लाख शौचालयों का निर्माण जल्द से जल्द पूरा कराया जायें। प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को मनरेगा के तहत अनिवार्य रूप से 100 दिवस का रोजगार उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। श्री मोती सिंह ने निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत वर्ष 2018-19 के अधूरे 631 आवास अगले 15 दिनों में पूर्ण कराया जाए। और प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण एवं मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के भूमिहीन पात्र लाभार्थियों को अनिवार्य रूप से पट्टा उपलब्ध कराया जाए। बैठक में ग्राम्य विकास मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचे। और मनरेगा योजना के अंतर्गत चयनित तालाबों पर किए जा रहे कार्यों की स्थिति देखते हुए निर्देश दिया कि योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन तालाबों को जल्द से जल्द पूरा करायेें। और मनरेगा गांव के तहत प्रत्येक ब्लाक में कम से कम दो मनरेगा गांव का शीघ्रता से चयन कर उन्हें विकसित किया जायेंं जिससे गांव का समावेशी विकास किया जा सके। यही योजना गांव की दिशा एवं दशा बदलने में मददगार साबित होगी। ग्राम्य विकास मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनता से आपका व्यवहार अच्छा हो। उन्होंने कहा कि सकारात्मक सोच के साथ सरकार की मंशा के अनुसार यदि आप कार्य करेंगे तो आम जनता को विभाग की योजनाओं का बेहतर लाभ मिलेगा।

राज्य मंत्री ग्राम्य विकास आनंद स्वरूप शुक्ला ने कहा कि गरीब महिलाओं के उत्थान में महिला स्वयं सहायता समूहों के साथ विभाग का अहम योगदान है। और महिला समूहों द्वारा बनाये जा रहे उत्पादों की अधिक से अधिक मार्केटिंग एवं ब्रांडिग की जायें। इससे उन्हें उचित कीमत मिलने के साथ-साथ उनका आर्थिक सशक्तिकरण हो सकेगा और महिलाएं स्वावलंबी हो सकेगी। उन्होंने कहा कि समूह की महिलाओं को वैन चालक के रूप में ट्रेंड किए जाने पर भी विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा के अनुरूप सरकार द्वारा चलाई जा रही लाभार्थी परक योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान तक पहुंचाया जाना सुनिश्चित करें। बैठक में प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास अनुराग श्रीवास्तव. महानिदेशक एसआईआरडी एल.वेंकटेश्वर लू. आयुक्त ग्राम्य विकास के.रविन्द्र नायक एवं अन्य विभागीय अधिकारियों सहित समस्त जिलों के मुख्य विकास अधिकारी मौजूद रहें।