न्याय के लिए दौड़ती रह गई मां, टालती रही पुलिस,

सुलतानपुर। युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ लिखित सूचना के बाद भी मुकदमा दर्ज करने से परहेज रखा। मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हरीश कुमार ने संज्ञान लेते हुए आरोपी साथी के खिलाफ केस दर्ज कर तफ्तीश के लिए थानाध्यक्ष को आदेशित किया है।
मामला मुंशीगंज थाना क्षेत्र के धनापुर मजरे राजापुर कल्याण गांव से जुड़ा है। जहां की रहने वाली धन्नों देवी ने पुलिस के जरिये सुनवाई न होने पर अपने बेटे की हत्या की एफआईआर दर्ज कराने व तफ्तीश की मांग को लेकर सीजेएम कोर्ट में अर्जी दी। आरोप के मुताबिक बीते 17 मार्च को उसके बेटे राहुल यादव को उसका दोस्त संदीप यादव निवासी बानथान-मुंशीगंज दिन में करीब एक बजे किसी काम के बहाने अपने साथ ले गया। देर शाम तक राहुल के न लौटने पर अभियोगिनी ने उसकी मोबाइल पर फोन किया तो राहुल ने अपने साथी संदीप के साथ कुछ काम से अमेठी में होने की बात कहते हुए देर रात में घर लौटने की बात कही। अभियोगिनी रात भर अपने बेटे का इंतजार करती रही, लेकिन वह नहीं लौटा। सुबह अचानक संदीप ने फोन कर अभियोगिनी से बताया कि राहुल की तबियत बहुत खराब है और वह वीररामपुर के पास स्थित स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की मूर्ति के पास है। आरोपी संदीप ने राहुल को इलाज के लिए शाहगढ़ अस्पताल लेकर चलने की बात कही और अभियोगिनी को भी अपने पास बुलाया। कुछ देर बाद राहुल की मोबाइल से ही संदीप ने चिकित्सको के जरिये राहुल को भर्ती न करने की बात कहते हुए हस्ताक्षर के लिए अभियोगिनी को बुलाया। सूचना पर अभियोगिनी व उसका भाई बृजलाल यादव शाहगढ़-सीएचसी पहुंचे तो वहां राहुल अकेला स्ट्रेचर पर पड़ा हुआ था। जिसकी मौत हो चुकी थी। संदीप वहां से फरार हो गया था। राहुल के घर वाले वीर रामपुर गये तो वहां राहुल का जूता व कपड़े मिलें। राहुल के शरीर पर आयी चोटे भी सामान्य नहीं थी। राहुल की माँ ने हत्या का आरोप लगाते हुए केस दर्ज करने के लिए थाने में तहरीर दी, लेकिन मुंशीगंज पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की।एसपी दफ्तर में भी सूचना पहुँचने के बावजूद वही हाल रहा। पुलिस से निराश होकर अभियोगिनी ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। न्यायाधीश हरीश कुमार ने थानाध्यक्ष से रिपोर्ट तलब कर मामले में सुनवाई के पश्चात संज्ञान लेते हुए आरोपी के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कर तफ्तीश के लिए थानाध्यक्ष मुंशीगंज को आदेशित किया।