नवाज की बीमारी भारत के लिए एक मौका

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को जेल में हार्ट अटैक आया है, पाकिस्तान सहित अन्य उसके मित्र देशों में उसका सुपर स्पेश्यैलिटी इलाज भी नहीं है । इमरान खान को सूझ नहीं रहा कि क्या करें – जेल में दिवंगत हुए तो आंतरिक स्थिति बिगड़ जायेगी, ऐसे में अदालती हस्तक्षेप के जरिये नवाज शरीफ को जमानत मिली है । अब जेल के अन्दर अनहोनी वाली बला टली ।पर नवाज कोई हलके आदमी नहीं हैं, बाहर निकलने के बाद भी कुछ हुआ तो माहौल इमरान के खिलाफ ही जायेगा। वह देश भले ही बनावटी तौर पर पाकिस्तान के रूप में दुनिया में मौजूदगी दर्ज करा रहा है , पर मूल रूप में है हिन्दुस्तान ही । पाकिस्तानी हमारे वे भाई-बिरादरान हैं जो धर्म के नाम पर इस्लामी राष्ट्र के रूप में अंग्रेजों की कूटनीति से बंटे और भारत के लिए प्राणघाती दुश्मन बनकर वे सारे उपाय कर रहे हैं जो कौरवों ने पाण्डवों के साथ किया था । याद करें कि मियां नवाज शरीफ ने अटल जी की लाहौर की मैत्री बस यात्रा का जवाब का जवाब दुश्मनी भरे कारगिल हमले से किया था।

बहरहाल ऐसे समय जब मियां नवाज शरीफ के प्राणों पर संकट है, क्या मोदी जी अटल जी से प्रेरणा लेकर मियां नवाज शरीफ के प्राणों की रक्षा के लिए यह प्रस्ताव कर सकते हैं कि भारत अपने सुपर स्पेश्यिल्टी संस्थान एम्स में उनका इलाज उन भारतीय टैक्स पेयर्स के पैसे सेकराने को तैयार है जिनके ऊपर वह आतंकवादी हमले करवाते रहे और कारगिल में घुसकर पीठ पर छुरा मारने की दुष्टता दिखायी थी । यह एक अच्छा और सकारात्मक अन्तर्राष्टीय स्तर का कूटनीतिक पहल होगा । नवाज के इलाज के लिए गुडविल का यह जेस्चर पाकिस्तान के भारत विरोधी, आतंक समर्थक इण्टेलिजेंसिया और प्रशासन को शर्मसार करने तथा बदलने के लिए मजबूर करने वाला हो सकता है।

Post Source : Dinesh Kumar Garg Facebook Post