ठंड न पड़ने से चाय बाजार भी ठंडा, आन लाइन व्यापार ने भी पहुंचाया नुकसान

अच्छी ठंड न पड़ने से शहर का चाय बाजार भी ठंडा पड़ा है। उम्मीद के अनुरूप डिमांड न आने से व्यापारियों में उत्साह नही है। उनका कहना है कि सीजन शुरू हो चुका है। इसके बाद भी चाय की मांग नही है। हालांकि पिछले वर्ष की तुलना में इस समय क्वालिटी चाय के भाव 20 रुपये किलो तेज हैं।

शहर से ही पूरे यूपी को चाय की सप्लाई की जाती है। कई बड़े पैकेजर्स भी शहर से भी देश भर में सप्लाई करते हैं। कानपुर चाय व्यापार मंडल के अध्यक्ष और व्यापारी सत्य प्रकाश बंसल ने बताया कि औसतन पूरे साल 18-20 लाख की चाय की बिक्री होती है।

ठंड में यह बढ़कर 24-25 लाख तक  प्रति माह हो जाती है। लेकिन नवंबर महीना बीतने वाला है लेकिन अच्छी ठंड न पड़ने से बाजार से ग्राहक नदारद है। महामंत्री श्याम अग्रहरि ने बताया कि 15 दिसंबर से चाय के बागान बंद होने वाले हैं। यह तीन महीने बंद रहते हैं। इसके बाद ही नई चाय बाजार में आएगी। बागान बंद होने से मांग और खपत बढ़ती है लेकिन इस बार परिस्थितियां बदली हुई हैं। बाजार में ग्राहक नही है।

सभी व्यापारी अब ठंड बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं। ठंड न पड़ने के कारण व्यापारी भी भंडारण नहीं कर रहा। इसके अलावा आन लाइन व्यापार का असर भी चाय बाजार पर अन्य ट्रेडों की तरह पड़ रहा है।  बताया कि क्वालिटी चाय की कीमत 280-300 रुपये किलो है। यह चाय असम के बागानों की है। पश्चिम बंगाल की क्वालिटी चाय 240-250 रुपये किलो में है।

इन दोनों चाय के भाव में पिछले वर्ष की तुलना में 20 रुपये किलो की तेजी है। व्यापारियों के मुताबिक अभी भाव स्थिर ही हैं और आगे भी बढ़ने की संभावना नही है।