गोश्त कितना हानिकारक कितना फायदेमंद !

अगर आप माँसाहारी हैं तो आप अपने भोजन में स्वादिष्ट मीट के अस्तित्व से वाकिफ होंगे। आपके मीट सेवन की आदत गलत नहीं है क्योंकि तथ्य प्रमाणित करते हैं की अगर हमारे भोजन में प्राप्त हुई कैलोरी का 15% हिस्सा प्रोटीन से ना आए तो हम भोजन से ना संतुष्ट होते हैं और ना ही हमें पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन की प्राप्ति होती है। इसी प्रकार के तथ्यों को ध्यान में रखकर अनेक जन मीट को प्रोटीन का एकमेव पर्याय मानते हैं।भारत विश्व में शाकाहारी जनसँख्या के रूप में सबसे बड़ा देश हैं पर फिर भी 70% भारतीय मांसाहार का सेवन करते हैं। नेशनल सैंपल सर्वे ऑफिस (NSSO) द्वारा किये गए अध्ययन में यह सामने आया है की लगभग 16.4% भारतीय मटन का सेवन करते हैं। पर क्या आप जानते हैं की मटन आपको टाइप 2 डायबिटीज रोग के नज़दीक लाता है?      वैज्ञानिक तथ्य है की अत्यधिक फैट और प्रोटीन टाइप 2 डायबिटीज के मुख्य कारण होते हैं। ये आपको प्री-डायबिटिक एंव आंशिक डायबिटिक होने के संकट में भी डाल सकते हैं जहाँ आपका ब्लड-शुगर लेवल स्वाभाविक से अधिक हो जाता है। प्री-डायबिटिक एंव आंशिक डायबिटिक होना आपको ह्रदय रोगों और अनेक रोगों के घेरे में ला खड़ा करता है।*डायबिटीज का खतरा उन्हें दुगुना रहता है जो मांसाहार का प्रयोग करते हैं। सिंगापुर में हाल ही में हुई एक रिसर्च में सामने आया है की जो लोग अधिक मात्रा में लाल-मांस का सेवन करते हैं उन्हें डायबिटीज का खतरा ज्यादा है क्यूंकि शरीर में आयरन की अतिश्योक्ति इन्सुलिन अवरोध पैदा करती है और ब्लड-ग्लूकोज़ लेवल बढ़ने लगता है।  पर क्या इस जटिलता का कोई सेहतमंद पर्याय है?इन्हीं विषमताओं को ध्यान में रख कर हम लाए हैं आपके लिए गुड डॉट शाकाहारी मीट। गुड डॉट शाकाहारी मीट दिखने में और स्वाद में माँसाहारी-मीट की तरह ही है परन्तु यह आपको हानिकारक पहलुओं से बचाता है। गुड डॉट मीट अनाज और कुदरती प्रोटीन्स से बना है और इसमें ना तो कोलेस्ट्रॉल होता है और ना ही इसके उत्पादन में किसी भी प्रकार के एंटीबायोटिक्स, प्रेसेर्वटिवस या हार्मोन्स शामिल हैं।अब आप अपना हर मनपसंद स्वादिष्ट माँसाहारी-व्यंजन गुड डॉट शाकाहारी मीट के साथ बना सकते हैं और इसी प्रकार खुद को मांसाहार से होने वाले अनेक रोगों से बचा भी सकते हैं।