आपकी कार में लगेगा यह टैग, आधार की तरह करेगा काम

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण इस साल एक दिसंबर से सभी राजमार्गों पर स्थित टोल प्लाजा के सभी लेन को फास्टैग से लैस कर रहा है। यह जानकारी केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को दी।‘एक देश एक फास्टैग’ विषय पर यहां आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा कि फिलहाल देश में राष्ट्रीय राजमार्गों पर कुल 527 टोल प्लाजा हैं, जिनमें से 380 टोल प्जाला के सभी लेन फास्टैग से लैस हो गए हैं। बाकी लेनों को भी फास्टैग से लैस कर रहे हैं। एक दिसंबर से देश के सभी टोल प्लाजा पर ऐसी व्यवस्था हो जाएगी।

फास्टैग(FASTag) कैसे करता है कार्य

इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम या फास्टैग स्कीम भारत में सबसे पहले साल 2014 में शुरू की गई थी. जिसे धीरे-धीरे पूरे देश के टोल प्लाजाओं पर लागू किया जा रहा है. फास्टैग सिस्टम की मदद से आपको टोल प्लाजा में टोल टैक्स देने के दौरान होने वाली परेशानियों से निजात मिल सकेगी. फास्टैग की मदद से आप टोल प्लाजा में बिना रूके अपना टोल प्लाजा टैक्स दें सकेंगे कार की विंडस्क्रीन में फास्टैग लगाया जाता है और इसमें रेडियो फ्रिक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) लगा होता है। अब जैसे ही आपकी गाड़ी टोल प्लाजा के पास आ जाती है, तो टोल प्लाजा पर लगा सेंसर आपके वाहन के विंडस्क्रीन में लगे फास्टैग के संपर्क में आ जाता है और आपके फास्टैक अकाउंट से उस टोल प्लाजा पर लगने वाला शुल्क काट देता है और आप बिना वहां रूके अपना प्लाजा टैक्स  चुका देते हैं। आपकी गाड़ी में लगा ये फास्टैग, आपके प्रीपेड खाते के एक्टिवेट होते ही अपना काम शुरू कर देगा। इसके अलावा जब आपके फास्टैग अकांउट में पैसे खत्म हो जायेंगे, तो आपको उसे फिर से रिचार्ज करवाना पड़ेगा। फास्टैग की वैधता सिर्फ पांच साल के लिए होगी उसके बाद आपको फिर आपको एक नया फास्टैग अपनी गाड़ी पर लगवाना होगा।

फास्टैग (FASTag)के फायदे

कार में लगे फास्टैग की मदद से आपके समय की बचत तो होगी ही साथ ही फ्यूल की भी बचत होगी। फास्टैग एक पारदर्शी व्यवस्था है जिससे टोल प्लाजा पर जाम नहीं लगेगा और यह भी पता चल जाएगा कि किस वाहन में कौन बैठा है। इससे गृह मंत्रालय को भी अपराध नियंत्रण करने में मदद मिलेगी और पुलिस आसानी से अराजक तत्वों तक पहुंच सकेगी। यही नहीं, अब तो फास्टैग को जीएसटी नेटवर्क से भी जोड़ दिया गया है। यह आपके आधार कि तरह काम करेगा क्योंकि इसमें आपकी और आपके वाहन की पूरी जानकारी जुड़ी होगी। इतना ही नहीं सब लेन फास्टैग वाले हो जाएंगे तो सिर्फ एक ही लेन पर नकदी स्वीकार की जाएगी ई-वे बिल प्रणाली को फास्टैग से जोड़ने पर राजस्व अधिकारियों को वाहन के आवाजाही के बारे में आसानी से पता लग सकेगा। फास्टैग इस्तेमाल करने पर कैशबैक का भी फायदा आपको मिल सकता है।

SMS की होगी सुविधा

फास्टैग वाली कार जैसे ही किसी टोल प्लाजा को पार करेगी, तो फास्टैग अकाउंट से आपके पैसे कटते ही आपके  मोबाइल फोन पर एक SMS आ जायेगा, इस SMS के जरिये आपको पता चल सकेगा कि आपके फास्टैग अकाउंट से कितन पैसे कटे हैं।