आंबेडकर महासभा ने किया पूर्व राज्यपाल राम नाईक को सम्मानित

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल श्री राम नाईक के लखनऊ आगमन पर आंबेडकर महासभा में बुद्ध की प्रतिमा एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

इस दौरान आंबेडकर महासभा में हो रहे स्वागत समारोह में मुख्य अतिथि रहे राम नाईक ने कहा कि उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में हाशिए के समाज की स्थिति में बहुत अंतर नहीं है। जो हालात वहां हैं कमोबेस यहीं स्थिति यहां भी है। अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल के कंधे पर हाशिए के समाज की बड़ी जिम्मेदारी है। विकास की मुख्य धारा से छूट गए लोगों को तरक्की के रास्ते पर लाना होगा।

सम्मान समारोह से पूर्व श्री राम नाईक ने बाबा साहेब के पवित्र अस्थि कलश पर माल्यार्पण किया और उनके द्वारा भेंट की गई संविधान की मूल प्रति जो अस्थि कलश के पास रखी है का अवलोकन भी किया।

पूर्व राज्यपाल श्री राम नाईक ने कुष्ट रोगियों का जिक्र करते हुए कहा कि विज्ञान ने इसे छुआछूत की बीमारी मानने से इनकार किया है। ऐसे लोगों से दूर रहने की जरूरत नहीं है। कुष्ट रोगियों को अलग के आवास दिए जाने की बात उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने मान ली है। इससे 15 हजार से अधिक कुष्ठ रोगियों को फायदा होगा और उन्हें आवास मिलेंगे। आंबेडकर महासभा के कई कार्यक्रमों में शामिल होने की स्मृतियों को साझा करते हुए पूर्व राज्यपाल श्री राम नाईक ने कहा कि हाशिए के समाज की लड़ाई को अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने मजबूती से लड़ा है। वह आज हाशिए के तबके की आवाज बन चुके हैं। दलितों की शिकायतों और उनकी समस्याओं को उठाने के लिए डॉ. निर्मल के ऊपर बड़ी जिम्मेदारी है। उन्हें हाशिए के समाज को विकास की मुख्य धारा में जोड़ने के लिए हर संभव प्रयास करने होंगे।

स्वागत समारोह के संबोधित करते हुए अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष डॉ. निर्मल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाबा साहेब को वैश्विक स्तर पर सम्मान दिया। यह बाबा साहेब को सच्ची श्रद्धांजलि है। श्री राम नाईक ने बाबा साहेब के पूरे नाम से लोगों को परिचित करवाया। इसके लिए वह धन्यवाद के पात्र हैं।

पूर्व राज्यपाल राम नाईक को पुष्प भेंटकर सैकड़ों लोगों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान किंग जार्ज मेडिकल यूनिर्सिटी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसएन संखवार, डाइवर्सिटी मिशन के प्रख्यात लेखक एचएल दुसाध, अंतराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान के अध्यक्ष भदंत शांति मित्र, डॉ. सत्या दोहरे, वीरेंद्र विक्रम सुमन, महामंत्री अमरनाथ प्रजापति, सर्वेश पाटील समेत सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।