भारत की मीडिया जो खुद को चौथा स्तंभ कहती है

भारत की मीडिया जो खुद को चौथा स्तंभ कहती है

गाजियाबाद के सीजीएम कोर्ट में आशुतोष उर्फ कलुवा, राघव बहल और राजदीप सरदेसाई यह अपनी मर्जी से नहीं बैठे हैं बल्कि पूरे दिन के लिए इन्हें हिरासत में लिया गया था फिर जब इनकी जमानत हो गई उसके बाद ही में छोड़ा गया।

यह भी पढ़ें : दान उत्सव हलवासिया कोर्ट में संपन्न

अब पूरी बात जानिए तो आपको इन से घृणा हो जाएगी ..ये आपको जहां भी मिलेंगे आप इनके मुंह पर थूक देंगे …इन्होंने ना सिर्फ एक जाने-माने डॉक्टर बल्कि उनके पूरे परिवार की जिंदगी तबाह कर दी है।

यह भी पढ़ें : बच्चों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना आवश्यक : प्रिया प्रकाश

जब IBN7 चैनल हुआ करता था जिसे बाद में मुकेश अंबानी ने खरीद कर न्यूज़18 कर दिया तब उस चैनल के मालिक होते थे राघव बहल और उस चैनल के कर्ताधर्ता थे पत्रकार राजदीप सरदेसाई और उसके मैनेजिंग एडिटर थे वर्तमान में आम आदमी पार्टी के नेता आशुतोष उर्फ कलुआ।

यह भी पढ़ें : मुख्यमंत्री ने कोविड-19 पर प्रभावी नियन्त्रण के लिए प्रोएक्टिव होकर कार्य करने पर बल दिया

इन लोगों ने उस समय नोएडा जिला अस्पताल के आर्थोपेडिक सर्जन डॉक्टर अजय कुमार अग्रवाल जो हजारों गरीबों का मुफ्त में ऑपरेशन करते थे और उस सरकारी अस्पताल में भी घुटना ट्रांसप्लांट करके सैकड़ों मरीजों को जीवनदान दिए थे और बहुत नेक थे उन्हें बदनाम करने करता हुआ एक स्टिंग ऑपरेशन अपने 4 चैनलों पर 5 दिनों तक दिखाया था और जिसका नाम रखा था ऑपरेशन शैतान इस केस की पूरी कहानी यह है कि जमशेद खान नाम का एक मुस्लिम गुंडा जो गाजियाबाद और नोएडा में पत्रकार होने का दोष दिखाकर बकायदा वसूली गैंग चलाता था और पैसे नहीं देने पर उन्हें फर्जी स्टिंग में फंसाने की धमकी देता था। कई डॉक्टर उसके जाल में फंस जाते थे।

यह भी पढ़ें : जिस पत्रकार की शुरुआत ही फ़र्ज़ी हो, उसको ख़त्म क्यों नहीं होना चाहिए ?

उस जमशेद खान ने डॉक्टर अजय कुमार से 20 लाख रुपए रंगदारी मांगी, डॉ अजय कुमार अग्रवाल ने देने से मना कर दिया। तब उसने उन्हें एक स्टिंग में फंसाने का धमकी दिया तो डॉक्टर अजय कुमार अग्रवाल ने उसे धक्के देकर ऑफिस से बाहर निकाल दिया और कहा कि जब मैं कोई गलत काम करता ही नहीं हूं तब तुम मुझे किस सेटिंग में फंसा आओगे।

यह भी पढ़ें : ये मीडिया पेडलर

उसके बाद वह जमशेद खान नोएडा के IBN7 दफ्तर में गया और उसने राजदीप सरदेसाई को एक फर्जी स्टिंग दिखाकर उन्हें इस बात के लिए मना लिया यदि आप इसे अपने राष्ट्रीय चैनल पर दिखाएंगे तो इससे पूरे देश में सनसनी फैल जाएगी और आपके चैनल की टीआरपी बढ़ जाएगी क्योंकि उस स्टिंग में यह दिखाया गया था कि डॉक्टर अजय कुमार अग्रवाल एक ऐसा गैंग चलाते हैं जो लोगों के टांग काट कर उसे भिखारी बनाने का गिरोह चलाता है राजदीप सरदेसाई राघव बहल और आशुतोष ने बिना उस स्टिंग की सच्चाई जाने सिर्फ टीआरपी पाने के लिए उसे IBN7 और CNBC चैनल पर 4 दिनों तक चला दिया।

यह भी पढ़ें : कोरोना योद्धा पार्षद वीरू की शहादत पर पचास लाख का मुआवजा ही सच्ची श्रदांजलि होगी

इसके बाद डॉ अजय कुमार अग्रवाल की जिंदगी तबाह हो गई ना सिर्फ उनकी जिंदगी तबाह हुई बल्कि उनकी बेटियों ने पढ़ाई छोड़ दिया क्योंकि बच्चियों को अब बाहर निकलने में शर्म आती थी खुद डॉक्टर अजय कुमार अग्रवाल के खिलाफ 4 बार विभागीय जांच कर जांच में डॉक्टर अजय कुमार अग्रवाल निर्दोष पाए गए।

यह भी पढ़ें : मोदी को सेक्स सिम्बल मानने वाले गुप्ता जी गलतबयानी कर रहे हैं

अजय कुमार अग्रवाल इसके खिलाफ गाजियाबाद कोर्ट में केस दाखिल किए तो यह पूरी गैंग इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक जज को करोड़ो रुपए देकर यह आदेश निकलवा लिया इनके खिलाफ कोई केस नहीं चल सकता फिर भी डॉक्टर अजय कुमार अग्रवाल ने हिम्मत नहीं आ रही और हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में गए सुप्रीम कोर्ट इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज पर बहुत प्रतिकूल टिप्पणी किया कि आखिर कोई जज ऐसा आदेश कैसे दे सकता है और सुप्रीम कोर्ट ने अपने सख्त आदेश में कहा इन सभी 9 आरोपियों ने ना सिर्फ एक सम्मानित डॉक्टर बल्कि उसके पूरे परिवार की जिंदगी तबाह की है और इन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए और इसमें 12 घंटे के अंदर गाजियाबाद के कोर्ट में सरेंडर करना पड़ेगा और यदि यह सरेंडर नहीं करते हैं तो इन्हें गिरफ्तार करके लाया जाए इन्होंने पत्रकारिता को बदनाम किया है बल्कि एक डॉक्टर और उसके पूरे परिवार की जिंदगी तबाह की है।

तो मित्रों यह है भारत की मीडिया जो खुद को चौथा स्तंभ कहती है।

Show More

Related Articles