अनाथालयों में ऑनलाइन शिक्षा का किया गया प्रबंध

महिला कल्याण विभाग द्वारा जनपद लखनऊ में किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 के अंतर्गत कुल 29 संस्थाएँ संचालित हैं। इनमें 8 राजकीय तथा 21 NGO द्वारा संचालित हैं। इन संस्थाओं में अनाथ बच्चे (Orphans), देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चे (Children in Need of Care and Protection) तथा विधि का उल्लंघन करने वाले किशोर (Children in Conflict with Law) आवासित हैं।

वर्तमान में उक्त संस्थाओं में संसाधनो के अभाव के कारण ऑनलाइन शिक्षा का प्रबंध नहीं है जबकि आजकल ऑनलाइन शिक्षा सामान्यतः प्रचलन में आ चुकी है। साथ ही, तकनीकी प्रगति हेतु भी ऑनलाइन शिक्षा अत्यावश्यक है। वर्तमान में COVID-19 के प्रभाव तथा लॉकडाउन के दृष्टिगत ऑनलाइन शिक्षा इन संस्थाओं में उपलब्ध करना अनिवार्य हो गया है। हाल ही में मा. मुख्यमंत्री जी ने भी सभी बच्चों को यथासंभव ऑनलाइन शिक्षा उपलब्ध कराने पर जोर दिया है। संसाधनो के बिना इन संस्थाओं में आवासित बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का समुचित अवसर नहीं मिल पा रहा है।

18 अप्रैल 2020 को लखनऊ निवासिनी श्रीमती पॉलोमी पाविनी शुक्ला एवं उनके पति श्री प्रशान्त शर्मा द्वारा, जन-सहयोग के माध्यम से, इन संस्थाओं में आवासित बच्चों हेतु 27 स्मार्ट टी०वी० भेंट किए जा रहे हैं। साथ ही, इन संस्थाओं में, आवश्यकतानुसार, ब्रॉडबैंड इंटरनेट सुविधा तथा स्मार्ट टी०वी० पर ऑनलाइन शिक्षा हेतु प्रशिक्षण भी आपके द्वारा दिया जा रहा है। इन स्मार्ट टी० वी० से इन संस्थाओं में आवासित बच्चों के सुनहरे भविष्य के लिए शिक्षा, न केवल COVID-19 की लॉकडाउन अवधि में, बल्कि भविष्य में भी, सुगम हो जाएगी।

श्रीमती पॉलोमी पाविनी शुक्ला मा० उच्चतम न्यायालय, दिल्ली में अधिवक्ता हैं तथा अनाथ बच्चों के लिए कई वर्षों से कार्य करती आ रही हैं। कुछ वर्ष पूर्व उन्होंने भारत में अनाथ बच्चों की दयनीय स्थिति पर एक किताब, Weakest On Earth – Orphans Of India लिखी थी, जो Bloomsbury जैसे विख्यात प्रकाशन संस्था द्वारा प्रकाशित की गई थी। इसके उपरांत उन्होंने मा० उच्चतम न्यायालय में अनाथ बच्चों को सभी सरकारी योजनाओं में बराबर की सुविधाएँ तथा आरक्षण की माँग करते हुए जनहित याचिका भी दायर की है, जो वर्तमान में भारत के मुख्य न्यायाधीश ने न्यायालय में विचाराधीन है। इनके पति श्री प्रशान्त शर्मा भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2012 बैच के अधिकारी हैं तथा उत्तर प्रदेश कैडर में कार्यरत हैं। आप दोनों कई वर्षों से लखनऊ के अनाथालयों से जुड़े हैं तथा दीपावली आदि त्योहारों में विभिन्न अनाथालयों में अपना समय तथा अपने संसाधन भेंट करते आ रहे हैं।

इन 27 स्मार्ट टी०वी० की भेंट हेतु आप दोनों द्वारा स्वयं के संसाधनों के अतिरिक्त लखनऊ के कुछ महानुभावों से जनसहयोग भी प्राप्त किया गया। इसका उद्देश्य मात्र स्मार्ट टी०वी० उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि लखनऊ के इन व्यक्तियों को अपने शहर के अनाथालयों से जोड़ना तथा लगाव उत्पन्न करना भी था। इन महानुभावों द्वारा लॉकडाउन के उपरांत इन अनाथालयों में जा कर अनाथ बच्चों के साथ समय व्यतीत करने की इच्छा व्यक्त की गई; साथ ही इन बच्चों और अनाथालयों की आवश्यकतानुसार शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण, रोज़गार आदि उपलब्ध कराने में भी रुचि दिखाई गई। इन महानुभावों में श्री निलय रस्तोगी, श्रीमति भाव्या कपूर, श्री जैन अंसारी, श्री जावेद रहमानी, श्री चरणप्रीत बग्गा, श्री फ़ैज़ी यूनुस, श्री सैफी यूनुस, श्री सार्थक रस्तोगी, श्री संजीत सिंह तलवार, श्रीमति हरशीना तलवार, श्री राघव रस्तोगी, श्री हसीन खान, श्री कुणाल सेठ, श्री करन पाल सिंह, श्री नन्देश प्रसाद, श्री रितेश तिवारी, श्री अमित श्रोती, श्री सुमित श्रोती, श्री वरुण अरासु, श्रीमति शमोना खान, श्री समीर अग्रवाल, लखनऊ राउंड टेबल संगठन तथा लखनऊ राउंड टेबल (महिला) संगठन सम्मिलित हैं।

इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं श्रीमती वीणा कुमारी मीणा, प्रमुख सचिव, महिला कल्याण विभाग, उत्तर प्रदेश शासन द्वारा इन स्मार्ट टी०वी० को लखनऊ के आशियाना क्षेत्र में स्थिति “वन स्टॉप सेंटर” में प्राप्त किया गया। COVID-19 के कारणवश लॉकडाउन की दृष्टिगत इन सभी स्मार्ट टी०वी० को इस सेंटर में सैनिटायज़ (sanitize) किया जाएगा, जिसके उपरान्त इन्हें विभिन्न संस्थाओं में स्थापित (install) किया जाएगा। अनाथ बच्चों (Orphans), देखरेख व संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों (Children in Need of Care and Protection) तथा विधि का उल्लंघन करने वाले किशोर (Children in Conflict with Law) की शिक्षा हेतु इस पुनीत कार्य करने के लिए श्रीमती वीणा कुमारी मीणा, प्रमुख सचिव, महिला कल्याण विभाग, उत्तर प्रदेश शासन द्वारा श्रीमती पॉलोमी पाविनी शुक्ला, श्री प्रशान्त शर्मा तथा सभी भेंट कर्ताओं को धन्यवाद दिया गया। सम्पूर्ण कार्यक्रम का समन्वय तथा संचालन श्री सर्वेश पाण्डेय, उप निदेशक, लखनऊ मण्डल, महिला कल्याण विभाग द्वारा किया गया।

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