**कोरोना युग में पत्रकारिता का नारद सिपाही**

कलम के चमत्कार, उत्तर प्रदेश के पत्रकार- शेखर पंडित _ भाग -3

शेखर पंडित, पत्रकारिता का सच्चा सिपाही ।।

मैं खुद के लिए खुश हूं लेकिन जिस पेशे से हूँ उसके आज के हालातों के लिए उदास हूँ, हाँ मैं पेशे से पत्रकार हूँ, खुद्दार हूँ लेकिन दो वक्त की रोटी का दावेदार हूँ, पता नही क्यों आजकल पत्रकारिता और पत्रकारों पर ज़्यादा चर्चा दिखयी दे रही है, ऐसा नही है कि ये ज़्यादा बड़ा दर्द है बल्कि ये श्याद ज़्यादा तालियां खींचती है, मीडिया को गाली देना एक शग़ल बन गया है और पत्रकार साथियों को अपनी ही बिरादरी पर मूंह उठा कर थूकने में ज़्यादा मज़ा आता है, फिर चाहे थूक की चंद बूंदे अपने मुंह पर ही क्यों न गिरे, और ये पत्रकारों की खींच तान बस पत्रकार ही करते हैं, हालांकि पत्रकार जो सबके बारे में सही बात जनता तक पहुँचाने का काम करते है उनके बारे में सही बात जनता तक कम ही पहुंचती है। मीडिया, पत्रकारिता से जुड़े हमारे अपने प्रदेश के पत्रकारों के मान सम्मान के लिए परिणाममूलक, तथ्यपरक पत्रकार परिचय —

पत्रकारिता या समाचारों के प्रचार प्रसार की बात सिर्फ इंसानी दुनिया तक ही नही सीमित रही है, ऐसे कई किस्से हमारे साहित्य में देखने सुनने को।मिलते है कि तीनों लोकों में भी समाचारों की उतनी ही अहमियत थी जितनी आज इस युग में महसूस की जा रही है,, आज का दौर बहुत ही बड़ी चुनौती का है और इस कोरोना वायरस के दौर की पत्रकारिता किसी भी पत्रकार के लिए एक बड़ी कहानी होगी, हर वक़्त एक ये डर भी होगा कहीं वो खुद एक खबर या कहानी न बन जाये, लेकिन शेखर पंडित ने आज नारद जी को भी पीछे छोड़ दिया जो तीनों लोकों में घूम घूमकर समाचारों का प्रचार प्रसार करते थे। वे पत्रकारिता का आदर्श थे और आज शेखर पंडित पत्रकारिता के आदर्श नज़र आ रहे हैं। वे निष्पक्ष भाव से देवर्षि नारद की तरह अपनी भूमिका का निर्वाह कर रहे हैं, पूरे हालात पर नज़र रखे हुए घूम घूमकर ग्राउंड जीरो से खबरें दे रहें हैं, अपने दायित्व को निभा रहे है, नाइंसाफी कही हो रही है तो उनके लिए मददगार बन कर खड़े है, और सबसे बड़ी बात ये है कि सरकारी तंत्र में अगर कही खामियां नज़र आ रही हैं तो उनको न सिर्फ अपनी कलम के माध्यम से उजागर कर रहें बल्कि शासन प्रशासन से बातचीत कर उसमें सुधार लाने का भरसक प्रयास कर रहें है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नाम अपने संदेश में दो बार मीडिया का उल्लेख किया जाना इस बात का संदेश है कि शेखर पंडित जैसे पत्रकार मीडिया को आज के युग में एक नया आयाम देना चाहते हैं और उनके सामने पत्रकारिता का स्वाभिमान, शान अपने परिवार से कहीं ज़्यादा बड़ी अहमीयत रखता है ।
ऐसे जज़्बे, ऐसे पत्रकार को हमारा सलाम ।।।
शेखर पंडित, पत्रकारिता का सच्चा सिपाही ।।

(डॉ मोहम्मद कामरान)

जारी रहेगा परिचय और मान सम्मान

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