मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी के घर से 4 हजार से ज्यादा कारतूस और कई बंदूकें बरामद

लखनऊ । मऊ सदर के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी के दिल्ली स्थित आवास से बुधवार रात करोड़ों रुपये के छह असलहे और साढ़े चार हजार कारतूस बरामद हुए। लखनऊ क्राइम ब्रांच के साथ दिल्ली पुलिस ने यह कार्रवाई दिल्ली के बसंतकुंज स्थित आवास पर की।

अब्बास नेशनल शूटर रहा है। उसके घर से बरामद रिवाल्वर, बन्दूक और कारतूस इटली, आस्ट्रिया, स्लोवेनिया से खरीदी हुई है। लखनऊ पुलिस ने उसके खिलाफ 12 अक्तूबर को महानगर कोतवाली में एक ही शस्त्र लाइसेंस पर पांच असलहे खरीदने और फर्जी तरीके से शस्त्र लाइसेंस को दिल्ली स्थानान्तरित कराने का मुकदमा दर्ज कराया था। अब्बास अंसारी की गिरफ्तारी की कवायद भी शुरू कर दी गई है।

इस मुकदमे की जांच के दौरान ही पता चला था कि अब्बास अंसारी ने शस्त्र लाइसेंस बनवाने और विदेशों से असलहे खरीदने में भी कई फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया है। इसके बाद ही एसएसपी कलानिधि नैथानी ने एएसपी ट्रांसगोमती अमित कुमार और क्राइम ब्रांच को लगाया था। इस टीम को ही पता चला था कि अब्बास अंसारी के दिल्ली स्थित बसंतकुज (111/ए/09) आवास पर धोखाधड़ी कर खरीदे गए रिवाल्वर, बन्दूक व कारतूस रखे हैं। इस पर दिल्ली पुलिस से मदद लेकर क्राइम ब्रांच ने अब्बास के घर छापा मारा। अब्बास घर पर नहीं थे और वहां मौजूद लोगों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया।

यूपी पुलिस ने प्रेस नोट जारी कर हथियार बरामदगी के बारे में विस्तार से बताया है। पुलिस ने बताया कि इटली से लाई गई एक विदेशी 12 बोर की डबल बैरल बरामद की गई है।

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इसके अलावा स्लोवेनिया से लाई गई 12 बोर सिंगल बैरल गन, इंडियन आर्म्स कॉर्प लखनऊ से खरीदी हुई 300 बोर रायफल। राजधानी दिल्ली से खरीदी हुई 12 बोर डबल बैरल गन, शस्त्रागार मेरठ से खरीदी गई 357 बोर रिवॉल्वर Ruger, GP100।
स्लोवेनिया से आयातित की गई रायफल स्पेशल बैरल क्रमश: 223 बोर, 375 बोरप, 300 बोर, 30 बोर, 30-06 बोर, 308 बोर व 458 बोर।

ऑस्ट्रिया से खरीदी हुई पिस्टल बैरल 380 ऑटो बोर ग्लॉक 25। एक अन्य पिस्टल बैरल 40 बोर की। अन्य पिस्टल बैरल 22 बोर की। ऑस्ट्रिया से लाई गई एक अदद मैगजीन 40 बोर और एक 380 बोर। ऑस्ट्रिया से ही लाई गई एक लोडर। अलग-अलग बोर के 4431 कारतूस।

यूपी पुलिस के मुताबिक मुख्तार के बेटे अब्बास अंसारी ने 2012 में डबल बैरल के बंदूक का लाइसेंस प्राप्त किया था और फिर उसी एक लाइसेंस पर उसने कई बंदक खरीदे। ये सारी गतिविधियों को वह पुलिस जानकारी दिए बिना ही कर रहा था।
बाद में वह दिल्ली आकर बस गया और पुराने पते से लाइसेंस को नए पते पर ट्रांसफर कर लिया।

पुलिस इसी पर सवाल उठा रही है कि बिना हमारी जानकारी के लाइसेंस का ट्रांसफर कैसे कर लिया गया। इन्हीं सारे संदिग्ध सवालों के जवाब जानने के लिए यूपी पुलिस सूचना के आधार पर कई स्थानों पर छापेमारी अभियान चलाने जा रही है।

मामले का खुलासा

मूलत: गाजीपुर जनपद के मोहम्मदाबाद स्थित यूसुफपुर दर्जी टोला निवासी अब्बास अंसारी निशातगंज की पेपरमिल कालोनी स्थित मेट्रो सिटी में रहता है। उसने मेट्रो सिटी के पते से वर्ष 2002 में डीबीबीएल का लाइसेंस बनवाया था। बाद में उसने अपना शस्त्र लाइसेंस नई दिल्ली के बसंत कुंज के किशनगंज के पते पर स्थानांतरित करा लिया था। जांच में सामने आया था कि अब्बास के नाम से जारी शस्त्र लाइसेंस को बगैर जिला प्रशासन की अनुमति के दिल्ली स्थानांतरित कराया गया था।

अब्बास ने स्थानीय थाने यानि कि महानगर पुलिस को इसकी कोई सूचना नहीं दी थी। उसने शस्त्र लाइसेंस दिल्ली स्थानांतरित होने के बाद एक और खेल किया था। उसने राष्ट्रीय स्तर का निशानेबाज होने का हवाला देकर उसी लाइसेंस पर चार और असलहे खरीद लिए थे। एसएसपी का कहना है कि एक ही शस्त्र का दो प्रदेशों में अलग-अलग शस्त्र लाइसेंस व अलग-अलग यूआईडी पर एक साथ अंकित होना शस्त्र अधिनियम का उल्लंघन है। अब्बास ने एक ही लाइसेंस पर पांच असलहे खरीदे और लाइसेंस स्थानांतरित कराने की सूचना नहीं दी थी

लाइसेंस निरस्त कराने की तैयारी

एसएसपी कलानिधि नैथानी ने क्राइम जासूस को बताया कि अब्बास के शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति की जाएगी। इसके लिये दिल्ली पुलिस को पूरी जानकारी दे दी गई है। साथ ही उसे महानगर में दर्ज हुए मुकदमे के बारे में बता दिया गया है। इस मुकदमे में आईपीसी की तीन और धारायें बढ़ा दी गई है जिसके तहत अब्बास अंसारी को गिरफ्तार भी किया जायेगा। उसकी गिरफ्तारी के लिये टीम बनायी जायेगी।

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