बम्बई- मलाड में दुर्गा पूजा का DJ बंद करवाने वाला असलम निकला आशीष सिंह

संघ मुसलमानों के ख़िलाफ़ ऐसे बो रहा है ज़हर

सोशल मीडिया पर दुर्गा पूजा पंडाल में रुकावट डालते एक व्यक्ति का वीडियो वायरल हो गया है.

कॉलोनी में रहना है, तो असलम भाई-असलम भाई कहना है, यहाँ मोदी जी नहीं आएँगे- पंडाल में घुसकर बंद कराया भजन (वीडियो का स्क्रीनशॉट)

वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि ”ये व्यक्ति दुर्गा पूजा पंडाल में घुसकर भजन बंद करवाता है और लोगों को कहता है कि यहां पर मोदी नहीं आएगा, कॉलोनी में रहना है तो असलम भाई कहना है.”

दुर्गा पंडाल में घुसकर भजन बंद करवा कर बोला "कॉलोनी में रहना है तो असलम भाई कहना है, यहां मोदी नहीं आएगा !" मलाड मुंबई की घटनापंडाल में अजान करवाकर उसे साम्प्रदायिक सद्भाव की मिसाल बताने वाले सारे न्यूज़ चैनल में दम है ये खबर बताने का !

Gepostet von Sanjay Swaroop Srivastava am Mittwoch, 9. Oktober 2019

वायरल हो रहे इस वीडियो को मुंबई के मलाड का बताया जा रहा है.

सोशल मीडिया पर इस वीडियो को अभी तक 50 लाख से ज़्यादा बार देखा जा चुका हैं और 25 हज़ार बार शेयर किया गया है.

सोशल मीडिया के साथ-साथ स्वराज्य नाम की एक न्यूज़ वेबसाइट ने भी इस ख़बर को छापा है.

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बीबीसी के पाठकों ने भी वॉट्सऐप के ज़रिये हमे ये वीडियो भेजा है और इसकी सच्चाई जाननी चाही है.

बीबीसी ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल हो रहा ये वीडियो को ग़लत और भ्रामक संदेश के साथ फैलाया जा रहा है.

वीडियो की सच्चाई

रिवर्स इमेज सर्च से पता चलता है कि वीडियो में दुर्गा पूजा पंडाल में व्यवधान डालते दिख रहे शख़्स का फ़ेसबुक पर नाम ‘आशीष सिंह’ है.

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उनकी फ़ेसबुक प्रोफ़ाइल पर वायरल हो रहे वीडियो को भी देखा जा सकता है जिसे उन्होंने 8 अक्तूबर 2019 को शाम साढ़े सात बजे पोस्ट किया था.

उनकी फ़ेसबुक प्रोफइल के अनुसार आशीष एक जिम के मालिक है और साथ में युवा एकता सामाजिक संस्था के उपाध्यक्ष है.

बीबीसी ने जब आशीष से संपर्क किया तो उन्होंने बीबीसी को बताया कि उनका नाम आशीष सिंह है और सोशल वीडियो पर वायरल हो रहा उनका वीडियो मलाड के मालोनी इलाक़े का है.

आशीष ने बीबीसी से बातचीत में कहा, ”मैं ख़ुद एक हिंदू हूँ और वीडियो को केवल मनोरंजन के उद्देश्य से बनाया गया था. मेरे वीडियो को कुछ लोग ग़लत संदेश के साथ फैला रहे है जिससे सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ा जा सके.”

आशीष आगे बताते हैं कि वीडियो में वो जिस व्यक्ति के साथ पंडाल में जाते हैं, उनका नाम नदीम शेख़ है और जिस दूसरे व्यक्ति से वो ‘असलम भाई’ का नाम लेने के लिए कहते हैं, उनका नाम रविशंकर दुबे है.

आशीष ने कहा कि वीडियो के वायरल हो जाने के बाद उन्होंने और रवि ने एक और वीडियो सोशल मीडिया पर डाला था जिसमें उन्होंने लोगो से अपील की थी कि वो उनका दुर्गा पूजा पंडाल वाला वीडियो ग़लत तरीक़े से शेयर ना करें.

इसके बाद उन्होंने 10 अक्तूबर को मालवानी पुलिस स्टेशन में इस संदर्भ में एक शिकायत भी दर्ज कराई थी.

पुलिस रिपोर्ट, police complain

जिसमें उन्होंने लिखा है- मनोरंजन और दोस्ती में बनाई गई उनके एक वीडियो को कुछ लोगों की ओर से महाराष्ट्र चुनाव के मद्देनज़र ग़लत संदेश के साथ फैलाया जा रहा है जिससे चुनावों में सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ा जा सके.

पुलिस रिपोर्ट, police complain

कौन है मलाड के ‘असलम भाई’?

आशीष ने बताया कि असलम शेख़ पश्चिम मलाड से कांग्रेस के मौजूदा विधायक हैं और आगामी विधानसभा चुनावों में भी कांग्रेस के टिकट पर मलाड से चुनाव लड़ रहे हैं.

पुलिस को दिए गए बयान में भी आशीष ने असलम शेख़ का ज़िक्र करते हुए कहा था कि उनके वीडियो को क्षेत्र के मौजूदा विधायक असलम शेख़ के ख़िलाफ़ भी ग़लत तरीक़े से प्रसारित किया जा रहा है जबकि विधायक असलम शेख़ का इस वीडियो से किसी तरह का कोई संबंध नहीं है.

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