विश्व विधवा दिवस के मौके पर 12 निराश्रित महिलाएं विधवा पेंशन से सम्मानित

विश्व विधवा दिवस

लखनऊ : आज विश्व विधवा दिवस के मौके पर एमरन फाउंडेशन ने विधवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से एक कार्यक्रम का आयोजन बख्शी का तालाब के नगवा मऊ कला गांव के पंचायत भवन में आयोजित किया।

राज्य और केंद्र सरकार द्वारा विधवाओं के उत्थान के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, एमरन फाउंडेशन का उद्देश्य है कि ज्यादा से ज्यादा ग़रीब और निराश्रित विधवाओं को सरकार की योजनाओं का लाभ मिल सके। देश में लगभग सभी हिस्सों से यह घटना सुनने में आती है कि विधवाओं को सामाजिक रूप से बहिष्कृत किया जा रहा है और शायद यही कारण है कि उनमें से बहुत सी महिलाएं वृद्ध आश्रम और अन्य आश्रमों का सहारा ढूंढती हैं, वहां पर भी उनके साथ गरिमा पूर्ण व्यवहार नहीं किया जाता जिसकी वह हकदार है।  यह अत्यंत अफसोस एवं चिंताजनक स्थिति है कि विधवाओं के साथ ऐसा गलत व्यवहार किया जा रहा है, मानो उन्होंने गरिमा से जीने का मौलिक अधिकार खो दिया हो।

विश्व विधवा दिवस

एमरन फाउंडेशन की निदेशक रेणुका टंडन ने इस अवसर पर उपस्थित महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि हम केंद्र व प्रदेश सरकार से अनुरोध करेंगे कि विधवाओं के पुनर्वास के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं और उन्हें एक ऐसे मंच पर लाया जाए जहां वे सम्मान के साथ रह सके। उन्होंने कहा कि विधवाओं को चिकित्सा बीमा और उनकी देखभाल के लिए अच्छे आश्रमों का निर्माण हो जहां रोजगार परक सुविधाएं भी उपलब्ध हो।

उन्होंने बताया कि एमरन फाउंडेशन ने नगवा मऊ कला ग्राम सभा से 12 विधवाओं का चयन करके उन्हें ₹600 मासिक विधवा पेंशन आजीवन देने का निर्णय किया है जिसकी शुरुआत आज से कर दी गई है, उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास रहेगा कि सभी विधवा समाज की मुख्यधारा में शामिल होकर देश व प्रदेश के निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। इस अवसर पर ग्राम पंचायत की प्रधान व अन्य महिलाएं उपस्थित थी।

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